यह विचार बताता है कि हमारे विचार केवल मन में आने वाले ख्याल नहीं हैं, बल्कि वे हमारे व्यक्तित्व, हमारी आदतों और अंततः हमारे जीवन की दिशा का निर्धारण करते हैं।
आज अपने विचारों के प्रति सचेत रहें। जब भी नकारात्मक विचार आए, उसे पहचानें और उसके बारे में सचेत रहें। सिर्फ यह कहें: "मैंने एक नकारात्मक विचार देखा।"
हर नकारात्मक विचार को सकारात्मक विचार से बदलें। उदाहरण: "मैं यह नहीं कर सकता" → "मैं यह सीख सकता हूँ" या "यह मुश्किल है" → "यह एक चुनौती है"
दिन में 5 मिनट बैठकर वह व्यक्ति बनने की कल्पना करें जो आप बनना चाहते हैं। उसकी सोच, उसकी आदतें, उसका व्यवहार - सब विस्तार से कल्पना करें।
सुबह-शाम सकारात्मक अफर्मेशन दोहराएँ। उदाहरण: "मैं सक्षम हूँ", "मैं सीख सकता हूँ", "मैं अपने विचारों का मालिक हूँ", "हर दिन मैं बेहतर बन रहा हूँ"
इस विचार को बेहतर समझने के लिए यह वीडियो देखें। इसमें विचारों के जीवन पर प्रभाव और उन्हें नियंत्रित करने के तरीके बताए गए हैं।
याद रखें: वीडियो देखना ज्ञान है, प्रैक्टिस करना बदलाव है। वीडियो के बाद आज का अभ्यास ज़रूर पूरा करें।
याद रखें: विचारों की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति है। जो आप सोचते हैं, वही आप बन जाते हैं। आज से अपने विचारों के प्रति सचेत रहें।