ज़िंदगी तब नहीं बदलती जब हालात बदलते हैं, ज़िंदगी तब बदलती है जब सोच बदलती है।
ज़्यादातर लोग ज़िंदगी से इसलिए हार जाते हैं क्योंकि वे सोचते हैं:
ये तथ्य नहीं, सिर्फ आदत बन चुकी सोच है।
जो भी सोच आपको रोक रही है, वह सच नहीं — सिर्फ एक कहानी है।
आज हर नेगेटिव विचार को चुनौती दें:
"क्या यह वाकई सच है?"
जब आप पाएंगे कि ज़्यादातर विचार
सिर्फ डर और आदत हैं, तब बदलाव शुरू होगा।
आज 5 मिनट के लिए अपने विचारों को
बिना जज किए सिर्फ देखें।
यह आपको विचारों के गुलाम से
विचारों के मालिक बनाएगा।
एक काग़ज़ लीजिए और लिखिए:
आज बदलाव समझने का दिन है,
सुधारने का नहीं। जब आप समझ जाएंगे कि आपकी अधिकांश सोच सिर्फ कहानियाँ हैं,
तब वे आप पर शासन करना बंद कर देंगी।
दिन 1 को बेहतर समझने के लिए यह वीडियो देखें। इसमें सोच रीसेट के व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं।
ध्यान दें: वीडियो देखने के बाद आज का टास्क ज़रूर पूरा करें। वीडियो सिर्फ समझने के लिए है, एक्शन लेना आपको है।